Monday, May 23, 2016

सकारात्मकता का अमृत

  • आप अपने आप को देखें कि आप किस सोच के धनी है। कहीं आपके भीतर नकारात्मक सोच तो नहीं पल रही है। नकारात्मकता हमारे जीवन का जहर और सकारात्मकता हमारे जीवन का अमृत है। अगर आप किसी फैक्ट्री के मालिक हैं या किसी दुकान के मालिक हैं, किसी संस्था के अध्यक्ष हैं, किसी समाज का संचालन कर रहे हैं, घर और परिवार के मुखिया हैं तो आपके सही संचालन की पहली अनिवार्यता है कि आपकी सोच सकारात्मक हो, विधायक हो। अगर आपकी सोच सकारातमक है तो आप सही नजरिये से निर्णय करेंगे। सास और बहू घर में दो महिलाएं हैं और तो और अगर किसी आश्रम में भी दो लोग हैं।अगर ये वहां परस्पर दिन भर नकारात्मक रवैया अपना रहे है तो मान लीजिए ये दोनों दिन भर अशांत हैं, और अगर दोनों सकारात्मक रवैया लेकर चल रहे हैं तो दोनों ही शांत है।

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